केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के अंत एक निश्चित तिथि 26 मार्च 2026 तय किया है तब से लगातार सुरक्षाबलों के सर्चिंग ऑपरेशन तेजी से चल रहा है लगातार सुरक्षाबलों को सफलता मिल रही है, नक्सली भी बैक फूट में दिख रहे है और अब बस्तर के सबसे कुख्यात नक्सली मदवी हिड़मा के मारे जाने की खबर सामने आई है, बस्तर आई जी सुंदर राज पिचाई ने हिड़मा के मारे जाने की पुष्टि की है।
बताते चले कि हिड़मा का जन्म 1981 पूर्ववर्ती सुकमा में हुआ था,महज 16 वर्षों की आयु में नक्सल संगठन में जुड़ गया था नक्सली संगठन ने ही उसे हिड़मा नाम दिया था,हिड़मा जिसको हथिया चलाना बखूबी आता था साथ में गाने बजने में भी निपूर्ण था,CPI माओवादी की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था,उसके सिर पर 50 लाख का इनाम घोषित था। हिड़मा के साथ उसकी पत्नी राजे जिसका पूरा नाम राजक्का भी मारी गई।
बताते चले कि हिड़मा 26 से अधिक घातक हमलों में जिम्मेदार माना गया है,2013 में में हुए दरभा घाटी नरसंहार और 2017 है,2010 में हुए दंतेवाड़ा हमला जिसमें 76 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे,2013 झीरम घाटी नरसंहार जिसमें कुल 27 बेगुनाह मरे गए थे जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेता भी शामिल थे,2021 में हुए सुकमा बीजापुर मुठभेड़ जिसमें तकरीबन 22 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए थे।
हिड़मा जिसका असली नाम संतोष है, जब भी बस्तर में नक्सलियों के बारे में बात होता है तो सबसे पहले हिड़मा का नाम लिया जाता,लेकिन अब यह कुख्यात नक्सली का अंत हो गया है।

सुरक्षाबल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में बस्तर के कुख्यात नक्सली मदवी हिड़मा ढेर, आंध्र प्रदेश के ग्रेहाउंड सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुआ अंत
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