छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत उन्हें इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) तकनीक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि कई पूर्व नक्सली संगठन में रहते हुए नसबंदी करा चुके थे या लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में रहने के कारण वे संतान सुख से वंचित रह गए। अब जब वे समाज का हिस्सा बनकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं, तो उन्हें परिवार और बच्चों का सुख मिल सके, इसके लिए यह योजना शुरू की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम केवल स्वास्थ्य सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक पुनर्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पूर्व नक्सली समाज में स्थायी रूप से बस पाएंगे और हिंसा की राह पर वापस जाने की संभावना कम होगी। सरकार चाहती है कि पुनर्वास केवल आर्थिक मदद तक सीमित न रहकर मानवीय पहलुओं को भी शामिल करे।
यह योजना देशभर में एक अनोखा उदाहरण मानी जा रही है, जहां हिंसा छोड़ चुके लोगों को न केवल रोज़गार और पुनर्वास का सहारा दिया जा रहा है, बल्कि उनके पारिवारिक जीवन को भी नया आधार प्रदान किया जा रहा है।
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