कांकेर में दो नए ग्रामीण बस मार्ग शुरू, मंत्री केदार कश्यप ने दिखाई हरी झंडी, 850 से अधिक गांवों तक पहुंची बस सेवा
भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग पर मिलेगी सुविधा, दूरस्थ गांवों के लोगों का आवागमन होगा आसान
कांकेर, 24 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के वनांचल और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा के विस्तार की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कांकेर जिले में दो नए बस मार्गों पर सेवा शुरू की गई है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के संचालन से भानुप्रतापपुर से कोरर और भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ के बीच आने-जाने वाले ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी।
नए बस मार्ग शुरू होने से ग्रामीणों को तहसील, जनपद, अस्पताल, स्कूल, हाट-बाजार और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में सहूलियत होगी। खासकर दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों के लिए नियमित सार्वजनिक परिवहन का विकल्प उपलब्ध होने से रोजमर्रा के कामकाज में आसानी होने की उम्मीद है।
68-68 किलोमीटर के दो नए मार्गों पर दौड़ेंगी बसें
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत शुरू किए गए दोनों नए मार्ग 68-68 किलोमीटर लंबे हैं।
पहला मार्ग: भानुप्रतापपुर से कोरर
इस मार्ग पर हाटकोंदल, बोगर, सम्बलपुर, घोड़ाबत्तर, मालापार, केंवटी, जनकपुर, भेजा, तेलम्मा, बरबसपुर और हेटारकसा होते हुए कोरर तक बस सेवा शुरू की गई है।
दूसरा मार्ग: भानुप्रतापपुर से अंतागढ़
इस मार्ग पर सम्बलपुर, चवेला, बांसला, दुर्दूकोंदल, दियागांव, मदले, पीपली, अमोड़ी, पंडरीपानी, करेंगांव, हल्बा, सिकसोड़, मण्डागांव, भंसासूर और टेमरूपानी होते हुए अंतागढ़ तक बसें चलेंगी।
इन मार्गों के शुरू होने से रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों को आवागमन के लिए एक अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
कांकेर जिले में पहले से चल रहे हैं 10 ग्रामीण बस मार्ग
जिले में इन दो नए मार्गों के अलावा पहले से 10 मार्गों पर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत परिवहन सुविधा संचालित होने की जानकारी दी गई है। इनमें चारामा-आमाबेड़ा, कोरर-डौंडी, कांकेर-अंतागढ़, कोयलीबेड़ा-आलपरस, कोरर-भानुप्रतापपुर, कोरर-कांकेर, दुधावा-धमतरी, गुर्दाटोला-भानुप्रतापपुर, कोरर-कांकेर का दूसरा मार्ग और भानुप्रतापपुर-कोदापाखा मार्ग शामिल हैं।
इन मार्गों के जरिए जिले के कई गांव मुख्य मार्गों और प्रमुख केंद्रों से जुड़ रहे हैं। चारामा-आमाबेड़ा मार्ग पर सुकलापा, बेलादी, खड़कागाँव, धनतुलसी, साल्हेवारा, कुरूस्टीकुर, कोदागाँव, पोटगाँव, बागडोंगरी, जामबहार, लिलेझर, बरकघार और चावड़ी जैसे गांवों को सुविधा मिल रही है।
इसी तरह कोरर-डौंडी मार्ग पर भर्रीटोला, परसोदा, बेनोदा, मंगलतराई, चिहरो, आमाडुला, पुरी, भोथा, किशनपुरी और सेलेगाँव तक बस सेवा उपलब्ध है। कांकेर-अंतागढ़ मार्ग पर मर्दापोटी, मलांजकुडुम, गुमझीर, उसेली, निलझर और बाडेजोरी सहित कई गांवों को परिवहन सुविधा मिलती है।
दुधावा-धमतरी और गुर्दाटोला-भानुप्रतापपुर जैसे मार्ग भी ग्रामीणों को विभिन्न कस्बों और प्रमुख केंद्रों तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं।
एक साल में 850 से अधिक गांव नियमित बस सेवा से जुड़े
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की शुरुआत 4 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और परिवहन मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति में की गई थी।
योजना का उद्देश्य बस सुविधा से वंचित ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है। जारी जानकारी के अनुसार, योजना के तहत बस्तर और सरगुजा संभाग के 13 जिलों में 106 चयनित मार्गों पर 107 बसों का संचालन शुरू किया गया है। इसके माध्यम से 850 से अधिक गांव पहली बार नियमित बस सेवा से जुड़े हैं।
योजना के तहत संचालित बसों ने एक वर्ष में 24 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय की है। इससे ग्रामीणों को अस्पताल, विद्यालय, हाट-बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिल रही है।
बस संचालकों को तीन साल तक मिलेगी वित्तीय सहायता
दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में बस संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए योजना के तहत बस संचालकों को पहले तीन वर्षों तक प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है।
इसके अनुसार प्रथम वर्ष 26 रुपये, द्वितीय वर्ष 24 रुपये और तृतीय वर्ष 22 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है। इसके साथ ही मोटरयान कर में पूर्ण छूट का प्रावधान भी है।
योजना की निगरानी एमएमजीबीवाई पोर्टल और जीपीएस आधारित वीएलटीडी प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की समय-सारणी बस संगवारी ऐप पर उपलब्ध कराई गई है।
क्या बोले परिवहन मंत्री केदार कश्यप?
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के माध्यम से बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा का लगातार विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के एक वर्ष के दौरान 850 से अधिक गांव नियमित बस सेवा से जुड़ पाए हैं।
मंत्री के अनुसार, पहले कई दूरस्थ गांवों तक वाहन नहीं पहुंच पाते थे, जिसके कारण ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय और अन्य आवश्यक स्थानों तक जाने में परेशानी होती थी। अब बस सेवाओं के विस्तार से ऐसे क्षेत्रों में भी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवहन का विस्तार केवल बसों के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और विकास के अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
विधायक आशाराम नेताम ने भी रखी बात
कार्यक्रम में कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प देश के अंतिम छोर पर बसे गांवों और वहां रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंदरूनी गांवों के बच्चे और युवा भी अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा सामने ला रहे हैं। उन्होंने वनांचल के लोगों की जरूरतों और सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की।
कार्यक्रम को महेश जैन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, अन्य जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एसडीएम सरस्वती बंजारे, परिवहन अधिकारी प्रकाश रावटे सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
अब ग्रामीणों को मिलेगी आवागमन में राहत
कांकेर जिले में भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग पर बस सेवा शुरू होने से ग्रामीण परिवहन नेटवर्क का और विस्तार हुआ है। इन सेवाओं से गांवों के लोगों को जरूरी कामों के लिए आने-जाने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
हालांकि, यात्रियों के लिए बसों के संचालन का समय और उपलब्धता जानना भी जरूरी होगा। इसके लिए योजना के तहत बस संगवारी ऐप पर उपलब्ध समय-सारणी देखी जा सकती है।
बस्तर एक्सप्रेस डिजिटल —

